जनता के पैसों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!” सामान्य सभा में गूंजा विकास कार्यों का मुद्दा, अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

“जनता के पैसों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!” सामान्य सभा में गूंजा विकास कार्यों का मुद्दा, अधिकारियों को कड़ी चेतावनी — गुणवत्ता और समय-सीमा पर अब होगी सख्त निगरानी
गौरेला पेंड्रा मरवाही – समीरा पैकरा की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक इस बार केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालों और सख्त निर्देशों के साथ प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मंच बन गई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लगातार विकास कार्यों की धीमी रफ्तार, अधूरे निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं और मानसून से पहले स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारियों को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को खुलकर घेरा।

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में साफ शब्दों में कहा गया कि अब विकास कार्यों में लापरवाही, घटिया निर्माण और अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को चेतावनी दी गई कि जनता के हित से जुड़े कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर विशेष चर्चा हुई। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कई सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में खाद संकट और वितरण केंद्रों में अव्यवस्था की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। इस पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसानों को परेशान करने वाली किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर चिंता जताई गई। जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, क्लोरीनेशन, साफ-सफाई और स्वास्थ्य शिविरों की तैयारी पर जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि हर वर्ष बरसात के दौरान डायरिया, मलेरिया और अन्य बीमारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बिगड़ते हैं, लेकिन विभागीय तैयारी कागजों तक सीमित रह जाती है। इस बार पहले से रणनीति बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों की समीक्षा के दौरान कई अधूरे और धीमी गति से चल रहे कार्यों पर नाराजगी जताई गई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कई निर्माण कार्य वर्षों से अधूरे पड़े हैं, जिससे जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि विकास कार्य केवल फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि धरातल पर उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता दिखाई देनी चाहिए।

बैठक में ग्रामीण विकास, सड़क, पेयजल, राशन वितरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आम जनता की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही न बरती जाए और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। कई जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोग छोटी-छोटी समस्याओं के लिए परेशान हो रहे हैं।
इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, सीईओ मुकेश रावटे सहित जिला पंचायत के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि अब जिले में विकास कार्यों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ाई जाएगी और जनता से जुड़े मुद्दों पर ढिलाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।















